जैसा की हम अपने पिछले आर्टिकल के माधयम से यह बता चुके हैं की स्वास्थ वर्धक पेय कितने हानिकारक हैं आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको उनके विकल्प बताएंगे और स्वस्थ रहने के तरीके बताएंगे:-

  • आल इंडिया इंस्टिट्यूट के आल इंडिया न्यूट्रिशन के प्रधान रह चुके डॉ. जैन कहते हैं की बॉर्न वीटा मूंगफली  की खल्ल्ली   के अलावा  कुछ  नहीं , वह कहते हैं की  प्रतिदिन चने के सत्तू का प्रयोग किया जाए, वह  इससे  कहीं  अधिक  फायदेमंद  साबित  होगा , उनके अनुसार मूंगफली और गुड का सेवन इससे कहीं बेहतर है जो हमारे शरीर के विकास में मदत करता है और गुड से हमारे शरीर को गर्मी मिलती है।
  • देश के पढ़े लिखे, ३० वर्ष से अधिक आयु के महिलाओं को मूर्ख बनाकर लूटने के लिए हॉर्लिक्स कंपनी वोमेसन्स हॉर्लिक्स का विज्ञापन ये बोल कर करती है की इससे हड्डी मजबूत होगी और खून की कमी दूर होगी, कंपनी ने इसकी कीमत rs600 राखी है, जबकि रोज सुबह खाली पेट एक कप अनार के साथ गेहू के दाने के बराबर चुना मिलाकर खाने से हड्डी भी मजबूत होती है और खून भी बढ़ता है।
  • भारत के सबसे प्रसिद्धा पहलवान सुशील कुमार का कहना है की उनकी सेहत का राज सिर्फ दूध में है उन्होंने शक्ति प्राप्त करने के लिए किसी भी स्वस्थ वर्धक पेय का प्रयोग नहीं किया, अगर हम खेल के दरमियान खिलाडियों के ऊपर ध्यान दे तो पाएंगे की बूस्ट ही मेरी शक्ति है का विज्ञापन देने वाले सचिन तेंदुलकर खेल के मैंदान में बूस्ट नहीं अपितु नीम्बू पानी अथवा केले खाते नजर आते हैं, नीम्बू पानी में बहुत ऊर्जा होती है, और केले में कार्बोहायड्रेट होता है जिससे इन खिलाडियों को शक्ति मिलती है।
  • अगर हम इन पेय पदार्थों को बंद कर दे और इनकी जगह निम्नलिखित चीजो का प्रयोग करें तो वह असल मायनो में हमारे लिए सवाथ वर्धक का कार्य करेंगे :-
  • दूध
  • अंडे
  • अनार का जूस
  • मौसमी का जूस
  • सत्तू का प्रयोग
  • मूंगफली और गुड का प्रयोग
  • दही

ये  इन हेल्थ ड्रिंक्स  से बेहद ही सस्ते और असरदार हैं।

  • हमारे देश का यह दुर्भाग्य हैं की यह जिन लोगो को स्वदेशी के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए थी और इन पेय पदार्थों की असलियत दुनिया के सामने रखनी चाहिए थी वही चंद रुपयों के लिए अपना ईमान बेच कर देश के साथ गद्दारी करते हैं और इन गलत चीजों का विज्ञापनों के माध्यम से प्रचार करते हैं, आज समय हैं जागरूक होने का हम आज तक बहुत मूर्ख बन चुके अब हमें इनके  विरूद्ध देश में स्वदेशी आंदोलन में भाग लेना चाहिए और इन विदेशी लुटेरी कंपनियों को देश से उखड फेकना चाहिए।
  • अगर हम इन्ही पैसे से रोज फल, जूस आदि पियें तो देश की अर्थ व्यवस्था तो मजबूत होगी ही हमारे देश में किसान आत्महत्या नहीं करेंगे और कृषि क्षेत्र बेहद मजबूत होगा, और हमारा स्वस्थ भी अच्छा रहेगा।

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